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Monday, May 3, 2010

ऋण मुक्ति मंत्र

ॐ श्री गणेश ऋण छिन्धि वरेण्य हुं नमः फट । इस ऋण हर्ता गणेश मंत्र को एक वर्ष तक लगातार प्रति सप्ताह ११०० बार जप करना चाहिए। इससे गणेश जी प्रसन्न होते है और साधक का ऋण चुकता होता है। कहा जाता है कि जिसके घर में एक बार भी इस मंत्र का उच्चारण हो जाता है उसके घर में कभी भी ऋण या दरिद्रता नहीं आ सकती।