ॐ नमो हरि मर्कटाय स्वाहा।
इस मंत्र का नियमित जाप करने से सब प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। साधक मंत्र पढ़कर रोगी के सिर पर हाथ रखे तो रोगी को राहत मिले।
Sunday, April 25, 2010
Friday, January 1, 2010
Saturday, October 17, 2009
स्वयं सिद्ध मन्त्र
ॐ श्री राम दूताय नमः
यह हनुमान जी का पंचाक्षरी मन्त्र है जो की स्वयं सिद्ध है। श्री हनुमान जी के इस मन्त्र में स्थित ॐ के माध्यम से पर ब्रह्मा परमात्मा की कृपा, श्री के माध्यम से श्री लक्ष्मी अर्थात माता जानकी जी की कृपा, राम के माध्यम से श्री हनुमान जी के प्रिय श्री रामजी की कृपा प्राप्त होती है। जब भक्त इस मन्त्र का जप करते है तब श्री हनुमान जी इस मंत्र के माध्यम से हमारी पुकार सुनकर हमारे शरीर में सर्व शक्तियों के साथ विराजमान हो जाते है। श्री हनुमान जी श्री राम के परम भक्त एवं सेवक है इसलिए अपने नाम दूताय के पूर्व अपने प्रभु श्री राम का स्मरण सुन कर श्री हनुमान जी अत्यन्त प्रसन्न होते है और मन्त्र के माध्यम से हमारी पुकार सुन कर तुंरत इस बात का संदेश अपने प्रभु श्री राम को देते है। प्रभु श्री राम भी अपने परम भक्त श्री हनुमान के मुख से संदेश सुन कर अति प्रसन्न होते है और भक्त पर अपनी विशेष कृपा दृष्टि बरसाते है क्योंकि भगवान श्री राम की यह नीति है की उन्हें अपने सेवक के सेवक अति प्रिय होते है।
यह हनुमान जी का पंचाक्षरी मन्त्र है जो की स्वयं सिद्ध है। श्री हनुमान जी के इस मन्त्र में स्थित ॐ के माध्यम से पर ब्रह्मा परमात्मा की कृपा, श्री के माध्यम से श्री लक्ष्मी अर्थात माता जानकी जी की कृपा, राम के माध्यम से श्री हनुमान जी के प्रिय श्री रामजी की कृपा प्राप्त होती है। जब भक्त इस मन्त्र का जप करते है तब श्री हनुमान जी इस मंत्र के माध्यम से हमारी पुकार सुनकर हमारे शरीर में सर्व शक्तियों के साथ विराजमान हो जाते है। श्री हनुमान जी श्री राम के परम भक्त एवं सेवक है इसलिए अपने नाम दूताय के पूर्व अपने प्रभु श्री राम का स्मरण सुन कर श्री हनुमान जी अत्यन्त प्रसन्न होते है और मन्त्र के माध्यम से हमारी पुकार सुन कर तुंरत इस बात का संदेश अपने प्रभु श्री राम को देते है। प्रभु श्री राम भी अपने परम भक्त श्री हनुमान के मुख से संदेश सुन कर अति प्रसन्न होते है और भक्त पर अपनी विशेष कृपा दृष्टि बरसाते है क्योंकि भगवान श्री राम की यह नीति है की उन्हें अपने सेवक के सेवक अति प्रिय होते है।
माता तुलसी की प्रसन्नता हेतु
माता तुलसी की प्रसन्नता हेतु इस दशाक्षरी मन्त्र का जाप करना चाहिए
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वृंदा वन्ये स्वाहा
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वृंदा वन्ये स्वाहा
Labels:
माता तुलसी की प्रसन्नता हेतु
Saturday, October 10, 2009
आर्थिक समृद्धि का मन्त्र
ह्रीं श्रीं ह्रीं
यह मंत्र आर्थिक समृद्धि के साथ साथ धन धान्य, भवन, वाहन, कीर्ति, प्रतिष्ठा भी प्रदान करता है। इस मन्त्र की प्रतिदिन ११ मालाएं करने से ६ महीने में अच्छे परिणाम मिलने लगते है।
Labels:
आर्थिक समृद्धि का मन्त्र
गोपाल सहस्त्रनाम
जिस घर में गोपाल सहत्रनाम का पाठ प्रतिदिन होता है उस घर में लक्ष्मी का नित्य वास रहता है।
Labels:
गोपाल सहस्त्रनाम महिमा
दीपावली पर किए जाने वाले उपाय
दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद निम्न मन्त्र की एक माला करे :
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडा ये विच्चे ।
यह प्रयोग दीपावली से आरम्भ करके प्रति दिन करते रहे। सुख समृद्धि हेतु अचूक फल दायी है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडा ये विच्चे ।
यह प्रयोग दीपावली से आरम्भ करके प्रति दिन करते रहे। सुख समृद्धि हेतु अचूक फल दायी है।
Labels:
दीपावली पर किए जाने वाले उपाय
Subscribe to:
Posts (Atom)
